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Saturday, 26 September 2015

Attraction by Rudraksh/ रुद्राक्ष से सर्वजन मोहन

रुद्राक्ष से करें सर्वजन मोहन

यदि आप एसे किसी भी काम से जुडे हैँ  जिसमे आपको बहुत सारे लोगोँ से मिलना होता है और अपनी बातोँ से प्रभावित करना होता है  जेसे सेल्स ,मार्केटिंग ,डायरेक्ट मार्केटिंग ,चेन मार्केटिंग ,कॉल सेंटर ,पब्लिक रिलेशंस या आप व्यापारी है और आपको ऐसा लगता है कि आपको समुचित लाभ नहीँ मिल पा रहा है या आप अपनी बातोँ से अपने ग्राहक को संतुष्ट नहीँ कर पा रहे हैँ तो निम्न उपाय करेँ :-

किसी भी सोमवार को असली चार मुखी, पांच मुखी और छह मुखी रुद्राक्ष के तीन तीन दाने यानि कुल 9 रुद्राक्ष के दाने लेकर उन्हें एक कच्चे सूत के लाल कलावे या धागे मेँ मुंह से पूछ की ओर पिरो ले और उनके बीच मेँ सवा गांठ लगाएँ ।
धागे की लंबाई इतनी रखेँ कि रुद्राक्ष की ये कण्ठी आपके हृदय के समीप रहे। इस रुद्राक्ष कण्ठी को लेकर शिव मंदिर जाएँ और उसे शिवलिंग पर रखकर जल से अभिषेक करेँ
अभिषेक करते समय निरंतर
ॐ नमः शिवाय

का जाप करेँ और
संभव हो तो भगवान शिव की प्रिय वस्तु जैसे बेल ,धतूरा, भांग, निर्गुण्डी आदि अर्पित करेँ । भस्म से भगवान को तिलक/ त्रिपुण्ड दें और फिर कण्ठी के प्रत्येक रुद्राक्ष पर भी इसी भस्म से बिंदी लगाएं और

भोलेनाथ से प्रार्थना करेँ कि आपकी वाणी मेँ ऐसा ओज और आकर्षण उत्पन्न हो जिससे जो भी आपके बात सुने आपकी बातों से मोहित होने लगे, फिर वहीँ बैठ कर एक माला महामृत्युंजय मंत्र की जप करें और उस कण्ठी को धारण कर लें।

शीघ्र ही आपको अपने कार्य में सुधार दिखने लगेगा।
ये आजमाया हुआ प्रयोग है और कई मित्रों को इससे बेहतरीन लाभ प्राप्त हुआ है।

अधिक जानकारी, समस्या समाधान और कुंडली विश्लेषण हेतु सम्पर्क कर सकते हैं।

।।जय श्री राम।।
7579400465
8909521616( whats app)
7060202653

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Thursday, 24 September 2015

Totke for good health /स्वास्थ्य के लिये टोटके

स्वास्थ्य के लिये टोटके

1) अगर परिवार में कोई परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तथा लगातार औषधि सेवन के पश्चात् भी
स्वास्थ्य लाभ नहीं हो रहा है, तो किसी भी रविवार से आरम्भ करके लगातार 3 दिन तक गेहूं के आटे का
पेड़ा तथा एक लोटा पानी व्यक्ति के सिर के ऊपर से उबार कर जल को पौधे में डाल दें तथा पेड़ा गाय को
खिला दें। अवश्य ही इन 3 दिनों के अन्दर व्यक्ति स्वस्थ महसूस करने लगेगा। अगर टोटके की अवधि में
रोगी ठीक हो जाता है, तो भी प्रयोग को पूरा करना है, बीच में रोकना नहीं चाहिए।

2) अमावस्या को प्रात: मेंहदी का दीपक पानी मिला कर बनाएं। तेल का चौमुंहा दीपक बना कर 7 उड़द के
दाने, कुछ सिन्दूर, 2 बूंद दही डाल कर 1 नींबू की दो फांकें शिवजी या भैरों जी के चित्र का पूजन कर, जला
दें। महामृत्युजंय मंत्र की एक माला या बटुक भैरव स्तोत्र का पाठ कर रोग-शोक दूर करने की भगवान से
प्रार्थना कर, घर के दक्षिण की ओर दूर सूखे कुएं में नींबू सहित डाल दें। पीछे मुड़कर नहीं देखें। उस दिन
एक ब्राह्मण -ब्राह्मणी को भोजन करा कर वस्त्रादि का दान भी कर दें। कुछ दिन तक पक्षियों, पशुओं और
रोगियों की सेवा तथा दान-पुण्य भी करते रहें। इससे घर की बीमारी, भूत बाधा, मानसिक अशांति
निश्चय ही दूर होती है।

3) अगर बीमार व्यक्ति ज्यादा गम्भीर हो, तो जौ का 125 पाव (सवा पाव) आटा लें। उसमें साबुत काले
तिल मिला कर रोटी बनाएं। अच्छी तरह सेंके, जिससे वे कच्ची न रहें। फिर उस पर थोड़ा सा तिल्ली का
तेल और गुड़ डाल कर पेड़ा बनाएं और एक तरफ लगा दें। फिर उस रोटी को बीमार व्यक्ति के ऊपर से 7
बार वार कर किसी भैंसे को खिला दें। पीछे मुड़ कर न देखें और न कोई आवाज लगाए। भैंसा कहाँ मिलेगा,
इसका पता पहले ही मालूम कर के रखें। भैंस को रोटी नहीं खिलानी है, केवल भैंसे को ही श्रेष्ठ रहती है।
शनि और मंगलवार को ही यह कार्य करें।

4) पीपल के वृक्ष को प्रात: 12 बजे के पहले, जल में थोड़ा दूध मिला कर सींचें और शाम को तेल का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। ऐसा किसी भी वार से शुरू करके 7 दिन तक करें। बीमार व्यक्ति को आराम मिलना प्रारम्भ हो जायेगा।

5) घर से बीमारी जाने का नाम न ले रही हो, किसी का रोग शांत नहीं हो रहा हो तो एक गोमती चक्र ले
कर उसे हांडी में पिरो कर रोगी के पलंग के पाये पर बांधने से आश्चर्यजनक परिणाम मिलता है। उस दिन
 से रोग समाप्त होना शुरू हो जाता है।

6) यदि आपका बच्चा बहुत जल्दी-जल्दी बीमार पड़ रहा हो और आप को लग रहा कि दवा काम नहीं कर
रही है, डाक्टर बीमारी खोज नहीं पा रहे है। तो यह उपाय शुक्ल पक्ष की अष्टमी को करना चाहिये। आठ
गोतमी चक्र ले और अपने पूजा स्थान में मां दुर्गा के श्रीविग्रह के सामने लाल रेशमी वस्त्र पर स्थान दें। मां
भगवती का ध्यान करते हुये कुंकुम से गोमती चक्र पर तिलक करें। धूपबत्ती और दीपक प्रावलित करें।
धूपबत्ती की भभूत से भी गोमती चक्र को तिलक करें। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे की 11 माला जाप

करें। जाप के उपरांत लाल कपड़े में 3 गोमती चक्र बांधकर ताबीज का रूप देकर धूप, दीप दिखाकर बच्चे के
गले में डाल दें। शेष पांच गोमती चक्र पीले वस्त्र में बांधकर बच्चे के ऊपर से 11 बार उसार कर के किसी
विराने स्थान में गड्डा खोदकर दबा दें। आपका बच्चा हमेशा सुखी रहेगा।

7) घर मे जहा पर भी पानी लीक हो रहा हो उसे तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए. घर मे पानी का टपकता रहना योग्य नहीं कहा जाता तथा ऐसे घर के सभ्यो मे मानसिक रोग की सम्भावना बढ़ जाती है.


 8) सूर्य को सूर्योदय के समय अर्ध्य देना अत्यधिक उत्तम होता है. उस समय “ औम घृणी सूर्य आदित्याय सर्व दोष निवारणाय नमः” का ११ बार उच्चारण करने से सभी दोषों से मुक्ति मिलती है

9) संध्या काल मे साधक अगर निर्जन वातावरण मे ५ अगरबत्ती पंच तत्वों को याद कर के लगा दे तथा पूर्वजो को मदद के लिए प्रार्थना करे तो सर्व लक्ष्मी तथा स्वास्थ्य सबंधित दोषों की निवृति होती है

10) सूर्यास्त के समय अपने जल संग्रह स्थान के पास एक दीप जलने पर आकाश तथा जल स्वास्थ्य सबंधित सर्व दोषों की निवृति होती है

अन्य किसी जानकारी , कुंडली विश्लेषण और समस्या समाधान हेतु सम्पर्क कर सकते हैं।

।।जय श्री राम।।

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